ईशान दिशा का महत्त्व होता

ईशान दिशा का बहुत महत्त्व होता है , ये दिशा उत्तर पूर्व के कोण पर होती है इसलिए इसे ईशान कोण के नाम से जानते है

दिशाएं दस होती है । जिसमे ईशान दिशा का बहुत महत्त्व होता है , ये दिशा उत्तर पूर्व के कोण पर होती है इसलिए इसे ईशान कोण के नाम से जानते है । इस दिशा में भगवान शिव का आधिपत्य होता है ।इसलिए भगवान शिव को ईशान के नाम से भी जानते है । इस दिशा के स्वामी ग्रह बृहश्पति और केतु माने गए है ।इसलिए इसको सबसे उत्तम माना गया है , घर के इसी हिस्से में सकारात्मक ऊर्जा रहती है । वास्तुशास्त्र से जुडी कुछ खास खाश बाते ।

  1. वास्तुशास्त्र के अनुसार इस दिशा में सभी देवी देवताओं का वास होता है , इसलिए ये दिशा उत्तम मानी जाती है
  2. घर के ईशान कोने का हिस्सा सबसे पवित्र होता है, इसलिए पूजा का स्थान इसी जगह रखना चाहिए ।
  3. घर के ईशान कोने को साफ़ और खाली रखना चाहिए , यहाँ पर जल की स्थापना कर सकते है जैसे – कुआँ , मटका या पीने के पानी का स्थान ।
  4. घर के ईशान कोण की तरफ किचन या बाथरूम बनाना अशुभ होता है स्टोर रूम और डस्टबिन नहीं रखना चाहिए ।
  5. ईशान कोण की दिशा को साफ़ रखने से धन में वृद्धि होती है , इस दिशा में कोई सेप्टिक टैंक नहीं होना चाहिए । इस दिशा में दोष होने से वंश बढ़ने में रुकावट होती है ।
  6. इस दिशा में वास्तु दोष होने से घर में रहने वाले लोगो का स्वास्थ ख़राब रहता है जैसे की आँख , कान और गर्दन में परेशानी रहती है ।
  7. ईशान कोण क्षेत्र दैवी ऊर्जा से भरा होता है , इसलिए इस दिशा में पूजा ,पाठ, योग ध्यान करना शुभ माना जाता है ।
  8. परिवार के सभी सदस्यों को विशेष कर सुबह के समय अपने घर के ईशान कोण दिशा में व्यतीत करना चाहिए ।

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