Chaitra Navratri 2020: 6th Day माँ कात्यायनी की पूजा विधि तथा आरती

Chaitra Navratri 2020: 6th Day माँ कात्यायनी की पूजा विधि तथा आरती

Chaitra Navratri 2020: 6th Day, Mata Katyayani Aarti Vrat and Puja Vidhi. Katyayani is the sixth form amongst Navadurga or the nine forms of Hindu goddess. In Shaktism she is associated with the fierce forms of Shakti or Durga, a Warrior goddess, which also includes Bhadrakali and Chandika,[2] and traditionally she is associated with the colour red, as with Goddess Durga. 

Chaitra Navratri 2020: 6th Day माँ कात्यायनी की पूजा विधि तथा आरती

मां कात्यायनी की पूजा विधि
1. मां कात्यायनी की पूजा शुरू करने से पहले हाथों में फूल लेकर मां या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण…का जाप करें।
2. इसके बाद इन फूलों को मां के चरणोंमें चढ़ा दें।
3. इसके बाद मां को लाल वस्त्र, हल्दी की गांठ, पीले फूल चढ़ाएं।
4. अब दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय का पाठ करें।
5. आखिर में मां की कथा सुनें और आरती के बाद भोग का प्रसाद बांटें।
ऐसी मान्यता है कि देवी कात्यायनी की पूजा करने से मन में शांति मिलती है और मन मजबूत होता है। माना ये भी जाता है कि मां कात्यायनी की पूजा करके अपनी इंद्रियों पर काबू पाया जा सकता है। अवविवाहितों को देवी की पूजा करने से अच्छे जीवनसाथी प्राप्त होते हैं।

माँ कात्यायनी की आरती || Maa Katyayani Aarti In Hindi
जय जय अंबे जय कात्यायनी ।

जय जगमाता जग की महारानी ।।

बैजनाथ स्थान तुम्हारा ।

वहां वरदाती नाम पुकारा ।।

कई नाम हैं कई धाम हैं ।

यह स्थान भी तो सुखधाम है ।।

हर मंदिर में जोत तुम्हारी ।

कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी ।।

हर जगह उत्सव होते रहते ।

हर मंदिर में भक्त हैं कहते ।।

कात्यायनी रक्षक काया की ।

ग्रंथि काटे मोह माया की ।।

झूठे मोह से छुड़ानेवाली ।

अपना नाम जपानेवाली ।।

बृहस्पतिवार को पूजा करियो ।

ध्यान कात्यायनी का धरियो ।।

हर संकट को दूर करेगी ।

भंडारे भरपूर करेगी ।।

जो भी मां को भक्त पुकारे ।

कात्यायनी सब कष्ट निवारे ।

 

 

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